Gujarat: सालों की प्रथा तोड़ेंगी वाडिया गांव की महिलाएं, देह व्यापार को त्यागने का लिया संकल्प

Prostitution Decided To Give Up Prostitution: वेश्यावृत्ति के लिए बदनाम गुजरात में थराद तालुका के वाडिया गांव की पहचान अब बदलने वाली है। यहां सालो से देह व्यापार में जुड़ी सभी महिलाओं ने समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला किया है। गांव की सभी महिलाओं ने फैसला किया है कि अब वे अगरबत्ती बनाकर अपना जीवन-यापन करेंगी।

देह व्यापार को त्यागने का लिया निर्णय

मामला गुजरात के वाडिया गांव का है  जहां गांव से बड़ी संख्या में महिलाएं शक्तिपीठ अंबाजी पहुंची। वाडिया गांव की महिलाओं ने मां अंबा की पूजा- अर्चना की और आशीर्वाद लिया। सभी महिलाओं ने मां अंबे के सामने देह व्यापार को हमेशा के लिए त्यागने का संकल्प लिया। सभी ने एक साथ मिलकर वैश्यावृति    को त्यागकर  सकारात्मक एवं गौरवपूर्ण जीवन जीने का निर्णय लिया।

शान से जीने के लिए किया प्रेरित

सकंल्प लेने के बाद सभी महिलाएं चाचर चौक पहुंचीं और अगरबत्ती बनाकर परिवार का भरण-पोषण करने का निर्णय लिया। आपको बता दें कि बनासकांठा जिला कलेक्टर, सामाजिक नेताओं, गैर सरकारी संगठनों और सखी मंडल के सहयोग से यह बदलाव संभव हो पाया। सभी संस्थाओ ने महिलाओं को स्थाई रूप से देह व्यापार बंद कर नए संकल्प के साथ नया जीवन शुरू करने के लिए समझाया था और उनके कुछ नया और शान से जीने के लिए प्रेरित किया था।

ऐसी बनी थी जिस्मफरोशी की परंपरा

वाडिया गांव में सरानिया समुदाय के लोगों की बड़ी जनसंख्या है। कहा जाता है कि रियासतकाल में इस गांव में सरानिया समुदाय की महिलाएं और लड़कियां युद्ध के दौरान सैनिकों का मनोरंजन करती थीं। जिसके बाद इस गांव में जिस्मफरोशी परंपरा बन गई। कई युवतियां वेश्यावृत्ति के धंधे में शामिल होना पसंद नहीं करतीं, लेकिन उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका परिवार ही ऐसा करने के लिए मजबूर करता था लेकिन अब ये कलंक गुजरात के माथे से हटेगा।

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