हज़रत अल्हाज मुहम्मद ग़ाज़ी मियाँ सक़लैनी सज्जादा नशीन ख़ानक़ाहे शराफ़तिया बरेली शरीफ़ की सरपरस्ती में जशने दस्तारबंदी का इजलास मुनअकिद हुआ,

ककराला: जानशीने मियाँ हुज़ूर हज़रत अल्हाज मुहम्मद ग़ाज़ी मियाँ सक़लैनी सज्जादा नशीन ख़ानक़ाहे शराफ़तिया बरेली शरीफ़ की सरपरस्ती में जशने दस्तारबंदी का इजलास मुनअकिद हुआ, अमीरुल उलमा मौलाना सूफ़ी रिफ़ाक़त सक़लैनी नईमी ने मसनदे सदारत को ज़ीनत बख़्शी , अल्हाज असगर अली ख़ाँ शराफ़ती ने बहैसियते महमाने ख़ुसूसी शिरकत की।
मदरसा क़ादिरिया बदायूँ शरीफ़ के शैख़ुल हदीस मुफ़्ती दिलशाद अहमद क़ादरी साहब ने क़ुरआन की रोशनी में इस्लाहे आमाल के ताल्लुक़ से निहायत पुर मग़्ज़ ख़िताब फ़रमाया, बदरे तरीक़त मौलाना सय्यद असलम मियाँ वामिक़ी जीलानी सज्जादा नशीन ख़ानक़ाहे वामिक़िया बरेली शरीफ़ ने क़ुरआन करीम और सूफ़िया ए किराम के हवाले से निहायत आलिमाना ख़िताब फ़रमाया।
हाफ़िज़ ज़मीर अहमद सक़लैनी सिक्रेट्री तहरीक पैगामे सुंनियत ने अमन कमेटी ककराला की जानिब से जारी किया गया पाबंदी नामा सुनाया।
मुफ्ती फहीम अहमद सकलैनी अज़हरी ने इस्लाहे मुआशरह के हवाले से क़ौम को बेदार करते हुए इस्लाहे अक़ाइदो आमाल, समाज सुधार इत्तेहादो इत्तेफाक और तालीम के फरोग पर जोर देने का सबक़ दिया. आखिर मे मदरसे से फरोग होने वाले सात तलबा के सरो पर हज़रत ग़ाज़ी मियाँ सकलैनी व दीगर उलमा व मशाईख ने दस्तार सजाई.
मौलाना मुहम्मद यूनुस बरकती की निगरानी में मुहल्ले के नौजवानो ने‌ जश्न को‌ कामयाब बनाने के बहुत खूब मेहनत की,सलातो सलाम और दुआ पर जश्न ए दस्तार बंदी का इख़्तेताम हुआ
जश्न मे मौलाना अकबर अली क़ादरी उसहैत, मौलाना सिद्दीक सालमी रमज़ानपुर, मौलाना जाफर अली वामक़ि बेहटा, मौलाना असरार अहमद सकलैनी ककराला, मौलाना हाशिम सकलैनी सालारपुर, हाफिज शहजाद सकलैनी बेहटा, कारी जाने आलम सकलैनी हुसैन पुर, हाफिज सलमान मियाँ सकलैनी, मौलाना मुज़फ़्फ़र मियाँ अशरफी सखानु, हाफिज दानिश सकलैनी, हाफिज माज़ आमिर सकलैनी, हाफिज तस्लीम अहमद सकलैनी, हाफिज नासिर सकलैनी, मौलाना नूर अहमद नक़्शबंदी, हाफिज मुहम्मद मुन्फ़िक़ क़ादरी गुन्नौर, सूफ़ी सरताज सकलैनी, वगैरा के अलावा बे शुमार उल्मा व हूफ्फ़ाज़ व कुर्रा, अइम्मा मसाजिद और हजारो की तादाद मे अवाम ने शिरकत की.
अस्सकलैन फाऊंडेशन ककराला की दो मतबूआत तज़किरा मशाईख ए क़ादिरिया मुजद्दिदिया शराफ़तिया हिंदी और सवानेह मौलाना बशीर मियाँ का रस्मे इजरा भी अमल मे आया।

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