समाजवादी चिंतन शिविर में 75वे गणतंत्र दिवस को समता दिवस के रूप में मनाया गया

डॉ0 अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई, तत्पश्चात शौचालय साफ करने वाले दंपती श्रीमती मीनू बाल्मीकि और कालिया बाल्मीकि को कम्बल, शाल और फूल मालाओ से सम्मानित किया गया। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी ने दरिद्र की रोटी में भगवान का दर्शन करते थे, बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अंबेडकर दलित की बात करते थे कार्ल मार्क्स सर्वहारा की बात करते थे और डॉ0 लोहिया ने समाज के आखिरी आदमी के चेहरे पर मुस्कान लाने की बात करते थे उक्त विचार उदभव संस्थान के तत्वावधान में आयोजित समाजवादी चिन्तन शिविर में “आज के संदर्भ में संविधान और समता” विषयक गोष्ठी पर बोलते हुवे समाजवादी चिन्तन शिविर के संयोजक अवधेश आनंद ने कही उन्होंने आगे बताया कि गांधी का दरिद्र,अम्बेडकर का दलित,कार्ल मार्क्स का सर्वहारा और लोहिया का आखिरी आदमी प्रकारांतर से सबसे कमजोर है समाजवादी लोग इनके अन्दर समता और सम्पन्ता लाना चाहते हैं।

गोष्टि कि अध्यक्षता करते हुवे समाजवादी विचारक कॉमरेड हरिश्चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि आज समाज मे आर्थिक विसमता इतनी बढ़ती जा रही है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और संबिधान सब पर खतरा पैदा हो गया है।
सी टू के जिला सेक्रेटरी श्री अविनाश मिश्र जी ने कहा कि नौजवान, किसान, मजदूर को रोजगार से बंचित कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ऐसे में समाजवादी चिन्तन शिविर की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है सारी प्रगतिशील सक्तियों को एक होकर तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकना होगा
उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कु0 उमा जायसवाल ने कहा कि साबित्री बाई फुले और बाबा साहब ने महिलाओं को जो अधिकार दिया है सरकार उसके साथ खिलवाड़ कर रही सबको संगठित हो कर लड़ना होगा।
सह संयोजक अनंत अहादुर सिंह और पूर्व चैयरमैन झूसी रामलखन यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने संबिधान के माध्यम से हम सब को बराबरी का दर्जा दिलाने की कोशिश की है।
शिविर में अभिनव प्रकाश, श्रावण यादव,अंकुश यादव,रामशंकर, कुंजविहारी नेती,रतनलाल पुष्पजीवी, विरेन्द्र सिंह आदि ने चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समता और सम्पन्ता लाने का संकल्प लिया।

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